सभी को प्रणाम 🙏
संसार सुख सार है | किन्तु क्या आप सुखी हैं ? हाँ तो ठीक है। अगर नहीं तो उसका कारन आप स्वयं हैं।
ईश्वर के बनाये इस संसार में कहीं दुःख नहीं है। सारा संसार सुख से भरा हुआ है हर जगह सुख ही सूख है।
दुखी मनुष्य स्वयं है अपने स्वयं के कारन। हमारी सबकी जब कल्पनाएं पूर्ण नहीं होती तो दुःख जन्म ले लेता है।
तो क्या हम सबके दुःख का कारन वही कल्पनाएं नहीं हैं जो हम सब के अंदर बनती और बिगड़ती रहती हैं। .. गौर से सोचियेगा ?
ईश्वर के बनाये इस संसार में कहीं दुःख नहीं है। सारा संसार सुख से भरा हुआ है हर जगह सुख ही सूख है।
दुखी मनुष्य स्वयं है अपने स्वयं के कारन। हमारी सबकी जब कल्पनाएं पूर्ण नहीं होती तो दुःख जन्म ले लेता है।
तो क्या हम सबके दुःख का कारन वही कल्पनाएं नहीं हैं जो हम सब के अंदर बनती और बिगड़ती रहती हैं। .. गौर से सोचियेगा ?
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